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गुरुवार, 26 जुलाई 2018


 
 सभ्य समाज का परिचय दें: प्रदूषण को न्यूनतम और हरियाली को अधिकतम रखें। 
 
 हिमालय से स्थिर पर्वत अपनी चोटियां और दामन कटा कर, पेड़-पौधे अपना अस्तित्व मिटा कर, खेत-खलिहान अपना व्यास घटा कर बढ़ती हुई जनसँख्या के लिए विकास की बलिवेदी पर हमारी आने वाली संतानों के लिए स्वयं को लुटा रहे हैं और हम खुश हो कर यह कीमत देने के लिए तैयार हैं, इस बात से अनभिज्ञ की कि हम परमात्मा के वरदान को तुच्छ समझ कर ठुकरा रहे हैं और असंतुलित तोड़-जोड़ को उन्नति कह रहे हैं।
 
अमेरिका, चीन, जापान, जैसे विश्व के तथाकथित बड़े-बड़े देशों की नक़ल करते हुए हमने भी बड़ी-बड़ी सड़कें, पुल, बहुमंज़िला इमारतें, बाजार और न जाने क्या-क्या बनाना शुरू किया है। परन्तु जम्मू शहर से अखनूर की तरफ जाने वाली दो लाइन वाली सड़क का चार लाइन की सड़क में परिवर्तित होने वाले काम की शुरुआत में कुर्बान होते हुए असंख्य विशालकाय सायादार और सूंदर पेड़ों को देख कर मन में जो दुःख हुआ, वह कहा नहीं जा सकता। कुछ पेड़ इनमे सड़क की ओर ज़्यादा झुके हुए थे और आंधी तूफ़ान में घातक भी हो सकते थे परन्तु शेष तो हरे, फूलवाले और मनमोहक थे। माना कि विकास-यात्रा में ये बाधक थे परन्तु प्रकृति-प्रेमियों को इनकी कमी तो खलती रहेगी। बहुत से लोग यह भी पूछ रहे हैं की क्या सरकार के पास इनकी भरपाई करने का कोई प्रोग्राम भी है या फिर निरीह जनता को खुली धुप और वर्षा के सहारे छोड़ दिया जाएगा। अभी बहुत से सरकारी काम्प्लेक्स जम्मू में बने हुए हैं जहाँ खुली जगह भी  है, पेड़-पौधे भी हैं लेकिन देख भाल के आभाव में वे या तो वे गल-सड़ रहे हैं या भेद-बकरी की भेंट हो रहे हैं। 
 
पिछले दिनों पर्यावरण, बाल एवं महिला विकास, शिक्षा एवं कृषि को समर्पित संसथान "समीक्षा" के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिसकी अध्यक्षता श्री अजय खजुरिआ (पूर्व डी.सी) कर रहे थे, इस विषय में जम्मू के संभाग आयुक्त श्री संजीव वर्मा से बात-चीत की। प्रतिनिधिमंडल में सरकारी सेवा से निवृत्त हुए प्रमुख व्यक्ति मेंबर के रूप में शामिल थे सर्व श्री जिया लाल शर्मा (पूर्व बागबानी निदेशक), विनोद मल्होत्रा (शहर नियोजक), सी.एम्.शर्मा (कृषि विशेषज्ञ), करतार सिंह (पूर्व तहसीलदार), रोहित खजुरिअ (वित्त विशेषज्ञ) और सुभाष अन्तल (प्रशासन विशेषज्ञ)। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इस चार लाइन वाली सड़क को बनाते समय रणबीर नहर और सड़क के दरमियान पर्याप्त हरित क्षेत्र, गंदी शहरी नालियों के निकास, बिजली की तारों, पानी की पाइपों, टेलीफोन की तारों, गाड़ियों के रुकने के स्थानों और सर्विस सड़कों की सुचारु व्यवस्था समेकित ढंग में पहले से ही की जानी चाहिए। श्री विनोद मल्होत्रा ने ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जम्मू - अखनूर सड़क  के साथ साथ बहती हुई रणबीर नहर देश भर में बर्फ से ठन्डे पानी वाली एकमात्र नहर है जो पिछले ११५ वर्ष से वास्तव में जम्मू की जीवन रेखा बनी हुई है परन्तु आज फैलते हुए जम्मू शहर के दबाव में घुटन और प्रदूषण के कगार पर है।  यदि इस के संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान न दिया गया तो वह दिन दूर नहीं जब यह एक गंदे नाले में परिवर्तित हो जाएगी और जम्मू की धरोहर लुप्त हो जाएगी। यह भी आग्रह किया गया कि रणबीर नहर सिंचाई और पण-बिजली परियोजना के साथ साथ सैलानियों के मनोरंजन के लिए विशेष दर्जा प्ऱप्त कर सकती है बशर्ते इसका सुधार एवं प्रबंधन स्मार्ट सिटी के अनुरूप योजनाबद्ध और एकीकृत तरीके से हो। इसमें समीक्षा ने अपनी ओर से पूरे सहयोग और वांछित सेवा का आश्वासन दिया। श्री संजीव वर्मा (आई.ऐ.एस.) ने संस्था के सुझाव और चिंताओं का पूरा संज्ञान लिया। उन्होंने जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी के वाईस चेयरमैन श्री अरविन्द कोतवाल और सड़क निर्माण के लिए नियुक्त संसथान के जनरल मैनेजर श्री विजय को समीक्षा द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखने के लिए निर्देश दिए और आश्वासन भी दिया की समीक्षा सोसाइटी द्वारा उठाए गए सभी विचारयुक्त मुद्दे यथासम्भव तरीके से संज्ञान में लिए जाएंगे।
अपनी तरफ से समीक्षा संसथान ने इस सप्ताह जम्मू क्षेत्र को हरा भरा रखने के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण अभियान मुठी स्थित जम्मू रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष, डॉ. कुलभूषण शर्माके सहयोग से चलाया। इसमें सामाजिक वनयिकी विभाग जम्मू के सौजन्य से बिलपत्री, बरगद, पीपल, जामुन, टीकौमा और गुलमोहर के लगभग ५० पौधे संग्रामपुर पंचायत में टिकरी खेनि की शमशान भूमि और भगवन काली बीर के मंदिर के सामने कम्युनिटी हॉल के प्रांगण में रोपे गए। अभियान में श्री अजय खजुरिअ, डॉ. यु.के.मेहता (उपाध्यक्ष समीक्षा), सर्व श्री जिया लाल शर्मा, सी.एम्.शर्मा, रोहित खजुरिआ, सुभाष अन्तल, संग्रामपुर पंचायत के पूर्व सरपंच श्री अश्वनी शर्मा, दुर्गो चक के पूर्व पांच श्री मंगल दस्, और गाओं के प्रमुख नागरिकों सर्व श्री शाम लाल, रवि दत्त, रमेश कुमार, दीपक कुमार, सुभाष शर्मा, ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी उपस्थित स्वयं सेवकों ने ऐसा अभियान जारी रखने और पौधों की हिफाज़त करने की प्रतिज्ञा भी ली। इस अवसर पर वहां बिखरे पड़े प्रदूषण फैला रहे प्लास्टिक और पॉलिथीन के चीथड़े भी इकठा किये गए। समीक्षा द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस (५ जून २०१८ ) को बीट प्लास्टिक पोल्लुशण के नाम से जो अभियान साम्बा जिला के उत्तरबेहनी देवस्थान से छेड़ा गया था यह उसी की पुनरावृति थी।
हमें आशा है कि विकास की आवश्यकताओं को पूरा करते समय हम लोग एक सभ्य समाज का परिचय देते हुए प्रदूषण को न्यूनतम स्तर पर लाने का पूरा प्रयास हर स्तर पर हर स्थान पर और हर समय पर करेंगे। अपनी अनमोल संस्कृति और धरोहर को देश की सम्पदा के रूप में संजो कर रखेंगे और हरियाली को छोटे से ले कर बड़े, प्रत्येक प्राणी के लिए पर्याप्त मात्रा में बढ़ते रहेंगे। वर्षा ऋतु इस के लिए उपयुक्त समय है।
                                                            (सी.एम्.शर्मा )

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