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शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

नेकी

नेकी

नेकी कर कुएं में डाल
मेहनत कर,
न कर मलाल। 
सजग हमेशा सिरजन-हार,
दीनों का  करता  उद्धार। 
नेकी कर कुएं में डाल।। १। 


पत्थर, पानी  में है दिखता ,
भीतर, बाहर सदा है मिलता I
बच्चों में  फूलों सा खिलता ,
ग्रह-तारों का  पालन -हार।
नेकी कर कुएं में डाल।। २ । 
बहुत कठिन है
जहाँ में चलना।
फिर भी तू कोई ग़म न करना। 
फूलों सी मंज़िल पाने को ,
थाम लेना काँटों की धार।
नेकी कर कुएं में डाल।। ३।
 
अपनी धुन में चलते रहना,
तूफ़ानों से कभी न डरना।
मर्यादा का पालन करके ,
करना सदा सुखी संसार । 
नेकी कर कुएं में डाल II ४।

नेकी कर कुएं में डाल II  
करना सदा सुखी संसार।। ५।   


1 टिप्पणी:

  1. Nicely composed ,My suggestions if u don't mind


    सजग हमेशा सिर्जन हार
    दीनो का करता उद्धार १

    पत्थर पानी में है दिखता
    भीतर, बाहर सदा है मिलता I
    बच्चों में फूलों सा खिलता
    इस जग का वो पालनहार ।।

    बहुत कठिन है जहाँ में चलना
    फिर भी तू कोई गम ना करना
    फूलों सी मंजिल पाने को
    थाम लेना काँटों की धार १

    करना सदा सुखी संसार II
    नेकी कर कुएं में डाल.....





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