किसानों के मित्र और हमेश-बहार कृषि सलाहकार देवेंद्र नाथ मेहता
जम्मू शहर में जब आप पाटा बोहड़ी चौक से कोई आधा किलोमीटर मढ़ की ओर चलें तो सड़क के दाहिनी ओर एक छोटी सी दुकान में किसान लोग आते, जाते दिखेंगे। बोर्ड पर अंग्रेजी में लिखा है किसान इनपुट्स स्टोर; सीड एंड पेस्टीसाइड्स, ; हेल्पलाइन - ९६८२५७६१३१) और दूकान में कुछेक लोगों से चर्चा में व्यस्त मिलेंगे आज के देहात सन्देश व्यक्तित्व देवेंद्र नाथ मेहता।
श्री मेहता जाने-माने कृषि विस्तार विशेषज्ञ हैं जिन्होंने अभी तक के अपने जीवन के लगभग ७६ अनमोल वर्षों में से ३४ कर्मठ वर्ष राज्य सरकार के कृषि विभाग में रह कर किसानों की सेवा में लगाए और आज इस ७६ वर्ष की आयु में भी निजी तौर पर व्यापारी कम और बहुतया मार्गदर्शक बन कर किसानों की सेवा में लगे हुए हैं। कृषि उनका जनून है और कृषक उनकी प्रेरणा है। इस अवस्था में एक सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो कर विश्राम करना ज़्यादा पसंद करता है परन्तु मेहता साहिब हैं कि उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के लिए किसानों के साथ ही अपने अनुभव, अपनी विशेष्ज्ञता, उन्नत बीज, उत्तम द्वाईयें और अपने समय का सदुपयोग करना चाहते हैं। गजनसू-मढ़ क्षेत्र में कृषि विस्तार और प्रसार में वे अभी भी पूर्णतया समर्पित हैं।
ऐसा भी नहीं है कि दूकान पर बैठ कर वे अपने ज्ञान और खेती योग्य इनपुट्स को वे किसानों में मुफ्त में ही बांटते हैं। उनका कहना है कि वे यथा संभव न्यूनतम दाम पर अपने परामर्श के साथ किसानों को खेती के व्यवसाय में सशक्त करते हैं जिससे कम कीमत पर अधिक से अधिक फसल उत्पादन हो सके और किसान की आय बढ़ सके। इस किसान इनपुट्स स्टोर; सीड एंड पेस्टीसाइड्स; (हेल्पलाइन -- ९६८२५७६१३१) से उन्हें सम्मानजनक आमदनी भी हो जाती है।
श्री देवेंद्र नाथ मेहता का जन्म जम्मू के साम्बा जिला में १२-०५-१९४२ में हुआ। कृषि स्नातक डिग्री उन्होंने आर. एस. पुरा से वर्ष १९६७-६८ में प्राप्त की। २१ जून १९६८ को उन्होंने कृषि विभाग में एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर बसोहली के पद पर नौकरी ज्वाइन की। कृषि विभाग के तर्कहीन सेवा नियमों के कारण अन्य बहुत से गज़ेटेड कृषि अधिकारियों की तरह उन्हें केवल दो पदोन्नतियाँ ही प्राप्त हुईं। बहुत से अधिकारियों को तो एक पदोन्नति भी प्राप्त नहीं हुई। इस कारणवश पहले तो वर्ष १९७२ में एग्रीकल्चर प्रोफेशनल्स को वेटरिनरी डॉक्टर के समकक्ष करने की मांग को सफलता से १९७४ में मनवाने हेतु हरताल में भाग लिया और फिर एग्रीकल्चर टेक्नोक्रैट फेडरेशन (ऐ.टी.एफ.) के झंडे तले मेहता जी की अगुआई में वर्ष १९९२ में ५७ दिन लम्बी कृषि टेक्नोक्रैट्स की हरताल भी चली परन्तु दुर्भाग्य से उस बार सरकारी आश्वासनों पर ही समाप्त हो गई। मेहता साहिब जम्मू क्षेत्र के साथ न्याय की मांग करने वाले उस समय के आंदोलनकारी छात्रों में से हैं जिन में से १६ अक्टूबर १९६६ के चार शहीदों की यादगार गवर्नमेंट गाँधी मेमोरियल साइंस कॉलेज के मुख्य फाटक के सामने संजोकर रखी हुई है। श्री मेहता असिस्टेंट डायरेक्टर एनफोर्समेंट के पद से ३१-५--२००० को सेवानिवृत्त हुए।
आजकल के दौर में जब कि पर्याप्त संख्या में सरकारी नौकरिऐं उपलब्ध नहीं हो रहीं और पढ़े-लिखे नवयुवक और युवतियों को ईमानदार और आदर योग्य कारोबार की आवश्यकता ज़्यादा से ज़्यादा महसूस होती जा रही है तो मेहता साहिब अपने काम से यह सन्देश देना चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र में व्यवसाय की अभी बहुत सी सम्भावनाएं हैं जिन्हें निष्ठा पूर्ण तरीके से तलाशना चाहिए और अपनाना भी चाहिए। हम उनकी लम्बी और स्वस्थ आयु की कामना करते हैं।
जम्मू शहर में जब आप पाटा बोहड़ी चौक से कोई आधा किलोमीटर मढ़ की ओर चलें तो सड़क के दाहिनी ओर एक छोटी सी दुकान में किसान लोग आते, जाते दिखेंगे। बोर्ड पर अंग्रेजी में लिखा है किसान इनपुट्स स्टोर; सीड एंड पेस्टीसाइड्स, ; हेल्पलाइन - ९६८२५७६१३१) और दूकान में कुछेक लोगों से चर्चा में व्यस्त मिलेंगे आज के देहात सन्देश व्यक्तित्व देवेंद्र नाथ मेहता।
श्री मेहता जाने-माने कृषि विस्तार विशेषज्ञ हैं जिन्होंने अभी तक के अपने जीवन के लगभग ७६ अनमोल वर्षों में से ३४ कर्मठ वर्ष राज्य सरकार के कृषि विभाग में रह कर किसानों की सेवा में लगाए और आज इस ७६ वर्ष की आयु में भी निजी तौर पर व्यापारी कम और बहुतया मार्गदर्शक बन कर किसानों की सेवा में लगे हुए हैं। कृषि उनका जनून है और कृषक उनकी प्रेरणा है। इस अवस्था में एक सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो कर विश्राम करना ज़्यादा पसंद करता है परन्तु मेहता साहिब हैं कि उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के लिए किसानों के साथ ही अपने अनुभव, अपनी विशेष्ज्ञता, उन्नत बीज, उत्तम द्वाईयें और अपने समय का सदुपयोग करना चाहते हैं। गजनसू-मढ़ क्षेत्र में कृषि विस्तार और प्रसार में वे अभी भी पूर्णतया समर्पित हैं।
ऐसा भी नहीं है कि दूकान पर बैठ कर वे अपने ज्ञान और खेती योग्य इनपुट्स को वे किसानों में मुफ्त में ही बांटते हैं। उनका कहना है कि वे यथा संभव न्यूनतम दाम पर अपने परामर्श के साथ किसानों को खेती के व्यवसाय में सशक्त करते हैं जिससे कम कीमत पर अधिक से अधिक फसल उत्पादन हो सके और किसान की आय बढ़ सके। इस किसान इनपुट्स स्टोर; सीड एंड पेस्टीसाइड्स; (हेल्पलाइन -- ९६८२५७६१३१) से उन्हें सम्मानजनक आमदनी भी हो जाती है।
श्री देवेंद्र नाथ मेहता का जन्म जम्मू के साम्बा जिला में १२-०५-१९४२ में हुआ। कृषि स्नातक डिग्री उन्होंने आर. एस. पुरा से वर्ष १९६७-६८ में प्राप्त की। २१ जून १९६८ को उन्होंने कृषि विभाग में एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर बसोहली के पद पर नौकरी ज्वाइन की। कृषि विभाग के तर्कहीन सेवा नियमों के कारण अन्य बहुत से गज़ेटेड कृषि अधिकारियों की तरह उन्हें केवल दो पदोन्नतियाँ ही प्राप्त हुईं। बहुत से अधिकारियों को तो एक पदोन्नति भी प्राप्त नहीं हुई। इस कारणवश पहले तो वर्ष १९७२ में एग्रीकल्चर प्रोफेशनल्स को वेटरिनरी डॉक्टर के समकक्ष करने की मांग को सफलता से १९७४ में मनवाने हेतु हरताल में भाग लिया और फिर एग्रीकल्चर टेक्नोक्रैट फेडरेशन (ऐ.टी.एफ.) के झंडे तले मेहता जी की अगुआई में वर्ष १९९२ में ५७ दिन लम्बी कृषि टेक्नोक्रैट्स की हरताल भी चली परन्तु दुर्भाग्य से उस बार सरकारी आश्वासनों पर ही समाप्त हो गई। मेहता साहिब जम्मू क्षेत्र के साथ न्याय की मांग करने वाले उस समय के आंदोलनकारी छात्रों में से हैं जिन में से १६ अक्टूबर १९६६ के चार शहीदों की यादगार गवर्नमेंट गाँधी मेमोरियल साइंस कॉलेज के मुख्य फाटक के सामने संजोकर रखी हुई है। श्री मेहता असिस्टेंट डायरेक्टर एनफोर्समेंट के पद से ३१-५--२००० को सेवानिवृत्त हुए।
आजकल के दौर में जब कि पर्याप्त संख्या में सरकारी नौकरिऐं उपलब्ध नहीं हो रहीं और पढ़े-लिखे नवयुवक और युवतियों को ईमानदार और आदर योग्य कारोबार की आवश्यकता ज़्यादा से ज़्यादा महसूस होती जा रही है तो मेहता साहिब अपने काम से यह सन्देश देना चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र में व्यवसाय की अभी बहुत सी सम्भावनाएं हैं जिन्हें निष्ठा पूर्ण तरीके से तलाशना चाहिए और अपनाना भी चाहिए। हम उनकी लम्बी और स्वस्थ आयु की कामना करते हैं।