जय माता की
पूजा-पाठ और अध्य्यन का
यह अवसर है नवरात्रों में,
चलो सभी एकांत में बैठें
प्रभु से लौ लगाने में।
धर्म स्थलों से दूर रहें हम
शुद्ध इन्हें भी रखना है,
मन मंदिर में ध्यान लगाएं
स्पर्श रोग से बचना है।
आज बड़ा संकट है छाया
मानवता पर, धरती पर,
घातक बन वाइरस आया
'कोविद उन्नीस' डर बन कर।
चीनी शहर 'वुहान' से उपजा,
आतंकित हैं सारा संसार,
अपनों से सब डरे हुए हैं
अपने से भी भय है आज।
ज़रा सा छू लेने से घातक
हो जाता यह वाइरस रोग,
साबुन से हाथों को धोवें
घरों में बैठें सारे लोग।
मन-मंदिर में हम बैठे हैं
विनय यहीं से करते आज,
जय माता की, जय माता की,
जय करुणामयी, रखना लाज।
शारदा लाल, भद्रवाह
पूजा-पाठ और अध्य्यन का
यह अवसर है नवरात्रों में,
चलो सभी एकांत में बैठें
प्रभु से लौ लगाने में।
धर्म स्थलों से दूर रहें हम
शुद्ध इन्हें भी रखना है,
मन मंदिर में ध्यान लगाएं
स्पर्श रोग से बचना है।
आज बड़ा संकट है छाया
मानवता पर, धरती पर,
घातक बन वाइरस आया
'कोविद उन्नीस' डर बन कर।
चीनी शहर 'वुहान' से उपजा,
आतंकित हैं सारा संसार,
अपनों से सब डरे हुए हैं
अपने से भी भय है आज।
ज़रा सा छू लेने से घातक
हो जाता यह वाइरस रोग,
साबुन से हाथों को धोवें
घरों में बैठें सारे लोग।
मन-मंदिर में हम बैठे हैं
विनय यहीं से करते आज,
जय माता की, जय माता की,
जय करुणामयी, रखना लाज।
शारदा लाल, भद्रवाह
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